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नेपाल से व्यापार और सफर होगा आसान, अमित शाह आज करेंगे नए सिस्टम की शुरुआत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च करने जा रहे हैं, जिससे देश की 15 जमीनी सीमाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. जानिए आपको किस तरह से इसका फायदा मिलेगा...

नेपाल से व्यापार और सफर होगा आसान, अमित शाह आज करेंगे नए सिस्टम की शुरुआत
आज देश के 15 लैंड पोर्ट्स पर नया LPMS सिस्टम लॉन्च करेंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (फाइल फोटो)
IANS

Bihar News: अगर आप बिहार के रक्सौल या जोगबनी बॉर्डर से नेपाल आते-जाते हैं या वहां व्यापार करते हैं, तो यह खबर आप ही के लिए है. अब आपको इन जमीनी सीमाओं पर भी एयरपोर्ट जैसी हाईटेक सुविधाएं मिलने वाली हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) की शुरुआत कर रहे हैं. इस नए डिजिटल सिस्टम का सीधा असर नेपाल जाने वाले मुसाफिरों और व्यापारियों पर पड़ेगा, जिससे उनका सफर और काम दोनों बेहद आसान हो जाएगा.

नेपाल के साथ व्यापार में आएगी गजब की तेजी

गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग (DBM) के तहत काम करने वाली लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल (बिहार), जोगबनी (बिहार) और रुपईडीहा (उत्तर प्रदेश) लैंड पोर्ट का संचालन करती है. आज लॉन्च हो रहे नए सिस्टम के लागू होने के बाद इन बॉर्डर्स पर कार्गो और मुसाफिरों की चेकिंग का तरीका पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा. इससे बेवजह की कागजी कार्रवाई में लगने वाला समय बचेगा और नेपाल के साथ होने वाले क्रॉस-बॉर्डर व्यापार में रफ्तार आएगी.

पहले समझिए क्या है नया लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम?

अधिकारियों के मुताबिक, LPMS एक अत्याधुनिक न्यूट्रल और ओपन डिजिटल प्लेटफॉर्म है. इसका मुख्य काम देश भर के लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक ही ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ना है. इसके जरिए सामान ले जाने और नियमों से जुड़ी सभी जानकारी रियल-टाइम में सुरक्षित तरीके से शेयर की जा सकेगी. आसान शब्दों में कहें तो अब हमारे जमीनी बॉर्डर भी सी-पोर्ट और एयरपोर्ट की तरह ही स्मार्ट तरीके से काम करेंगे.

लाइन का झंझट खत्म, सिंगल-विंडो पर होगा सारा काम

इस डिजिटल सिस्टम के आने से सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट ऑपरेटरों के बीच बेहतरीन तालमेल बनेगा. अब टाइम स्लॉट की बुकिंग से लेकर ऑनलाइन पेमेंट, सामान की ट्रैकिंग और परमिशन तक का सारा काम शुरू से अंत तक ऑनलाइन होगा. कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए इस सिस्टम को कस्टम विभाग के ICEGATE, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) और मोटर वाहन इकोसिस्टम जैसे बड़े नेशनल पोर्टल्स से सीधा जोड़ दिया गया है.

मेघालय और त्रिपुरा के बॉर्डर होंगे और मजबूत

आज के कार्यक्रम में सिर्फ यह नया सिस्टम ही लॉन्च नहीं हो रहा है, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह पूर्वोत्तर के लिए भी एक नई शुरुआत करेंगे. वे मेघालय के डॉकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट पर सीमा सुरक्षाबलों और अन्य कर्मचारियों के लिए नई आवासीय सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इससे वहां बुनियादी ढांचे को भारी सपोर्ट मिलेगा.

इन 15 लैंड पोर्ट्स का होगा कायाकल्प

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट और विकसित भारत 2047 के विजन का अहम हिस्सा है. व्यापार, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाली संस्था LPAI मौजूदा वक्त में 15 अंतरराष्ट्रीय लैंड पोर्ट्स संभालती है, और इस सिस्टम से इन सभी की तस्वीर बदल जाएगी.

इसमें नेपाल बॉर्डर पर स्थित रक्सौल, जोगबनी (बिहार) और रुपईडीहा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं. पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित अटारी और डेरा बाबा नानक (पंजाब) के साथ-साथ भूटान बॉर्डर का दरंगा (असम) लैंड पोर्ट भी इस आधुनिक सिस्टम का हिस्सा बनेगा. इसके अलावा, बांग्लादेश बॉर्डर पर पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल), डॉकी (मेघालय), सुतरकंडी, गोलकगंज और मनकचर (असम), तथा अगरतला, श्रीमंतपुर और सबरूम (त्रिपुरा) जैसे महत्वपूर्ण पोर्ट्स की व्यवस्था में भी बदलाव होगा. साथ ही, म्यांमार बॉर्डर पर स्थित मोरेह (मणिपुर) लैंड पोर्ट को भी इस व्यापक विकास योजना के अंतर्गत अपग्रेड किया जाएगा.

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