बस में 45 मिनट तक बंद रही छात्रा की आपबीती, 'मैं चिल्लाती रही, किसी ने मदद नहीं की'

बस में 45 मिनट तक बंद रही छात्रा की आपबीती, 'मैं चिल्लाती रही, किसी ने मदद नहीं की'

छात्रा का आरोप है कि वह मदद के लिए चीखती रही लेकिन कोई आगे नहीं आया।

बेंगलुरू:

शहर  की कॉलेज छात्रा ने सोशल मीडिया पर उन "भयानक" 45 मिनट का जिक्र किया है जब अपने मित्र की बस कंडक्टर के साथ हई झड़प के बाद उसे एक बस में बंद रहने को मजबूर होना पड़ा था। मंगलवार को हुई इस घटना के बाद  छात्रा की ओर से पोस्ट किए गये वीडियो के आधार पर कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एक फेसबुक पोस्ट में इस युवती ने कहा है कि उसे बेंगलुरू के यलहांका क्षेत्र में पुलिस स्टेशन के बाहर हिरासत में ले लिया गया था। युवती के अनुसार, "मैं इस कदर डरी हुई थी कि मैंने कांच को खोलने के लिए पैरों से इसे तोड़ने की भी कोशिश की। इसके बाद मैंने इमरजेंसी डोर के जरिये बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन यह 'जाम' होने के कारण बंद था। मैं करीब 45 मिनट तक चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने मुझे बाहर नहीं निकाला। यहां तक कि ड्राइवर भी खिड़की से बस की चाबी निकालकर भाग गया।"

इस छात्रा ने बताया कि घटना उस समय की है जब वह कॉलेज से लौट रही थी। इसी दौरान बस कंडक्टर का पूर्वोत्‍तर के मेरे मित्र से झगड़ा हो गया। कंडक्टर  ने उसके साथ खड़े रहने पर मुझे भी भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। जब दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई तो भीड़ एकत्रित हो गई और कथित तौर पर झगड़े का दोष मेरे मित्र पर मढ़ने लगी। छात्रा ने लिखा कि इस हालत में लोगों की पिटाई के डर से मेरा मित्र भी भाग खड़ा हुआ।

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इसके बाद कंडक्टर ने बस को पुलिस स्टेशन पर रोक दिया और कथित तौर पर उसे अपने साथ पुलिस के पास ले जाने की कोशिश की। छात्रा के मुताबिक, जब उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो भीड़ ने उसे परेशान किया। छात्रा ने लिखा, 'इससे पहले मैं जान पाती कि बस खाली है और लोग इसके बाहर निकल चुके हैं, कंडक्टर ने मुझे बस के अंदर लॉक कर दिया। मैंने जब उससे बस का दरवाजा खोलने को कहा तो उसने इनकार कर दिया। पुलिस ने कहा कि जब तक मेरा दोस्‍त पुलिस स्टेशन नहीं आ जाता। डर के मारे मैंने चिल्लाना शुरू कर दिया लेकिन देर तक कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। मुझे हैरानी हुई कि यह घटना मुख्‍य मार्ग पर,  पुलिस स्टेशन के पास की थी। बस का दरवाज करीब एक घंटे बाद तब खोला गया जब मेरा दोस्‍त पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस का कहना है कि युवती ने इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है, दूसरी ओर युवती का दावा है कि पुलिस ने ऐसा नहीं करने के लिए उस पर दबाव बनाया।