ED ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में त्रिपुरा, बंगाल और मिजोरम में छापेमारी की. जांच में पता चला कि म्यांमार से मेथामफेटामाइन की मिजोरम बॉर्डर के जरिए भारत में तस्करी की जाती थी. ड्रग से कमाए पैसे को बैंक खातों, फर्जी कंपनियों, कैश और हवाला नेटवर्क के जरिए छिपाने का प्रयास किया गया था.