सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने ब्रेकफास्ट मीटिंग से संदेश दिया कि वो पुरानी बातों को भुलाकर आगे बढ़ रहे हैं सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार को टॉप पोस्ट मिलने की पूरी संभावना है और यह बदलाव मार्च-अप्रैल तक हो सकता है समझौते के मुताबिक, शिवकुमार को सत्ता मिलने तक चुप रहना होगा, बदले में वफादारों को ज्यादा कैबिनेट पद मिलेंगे