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संजय किशोर

सोच को साझा करने का शौक रहा है. सोच को शब्दों का पंख मिला और फिर परवाज़. क्षितिज की तलाश भारतीय जन संचार संस्थान तक ले आयी. सोच जब विचारों से टकराया तो शब्द और सपने को नई धार मिली. इलेक्ट्रॉनिकिस मीडिया की शुरुआती उड़ान में सीट मिल गई. सोच की छटपटाहट को खेल सीमित नहीं कर पाया. लिहाज़ा लिखता हूं...

  • जरा सोचिए कि दादा कोंडके की मूवी के पहले राष्ट्रगान बजाया जाता तो क्या इससे राष्ट्रगान की गरिमा नहीं गिरती! आप सनी लियोनी की फिल्म के दर्शकों को राष्ट्रगान बजाकर खड़ा करवाएंगे!
  • इस बात से सहमत हूं कि स्कर्ट की लंबाई किसी का चरित्र मापने का पैमाना नहीं हो सकता. "पैमाना" भले ही न हो लेकिन स्कर्ट की लंबाई हमारे देश में "मायने" रखता है.... बहुत ज्यादा. "बच्चन", "नंदा", "गांधी", "अंबानी", या "बिरला" सरनेम के लिए स्कर्ट की लंबाई शायद मायने नहीं रखती हो क्योंकि यह समाज का प्रभावशाली वर्ग है.
  • टीवी चैनलों पर दिखने वाला अर्धनग्न शख्स संदीप कुमार था दिल्ली का महिला और शिशु कल्याण मंत्री जो अब पूर्व हो चुका है. उसकी सेक्स सीडी खबरिया चैनल वालों के लिए टीआरपी की चाबी बन गई थी. हर चैनल लगे सीडी की अश्लील तस्वीर से "खेलने", उसे अपनी-अपनी वेब साइटों पर "वायरल" करने. सभी के पास "एक्सक्लूसिव" फुटेज थे.
  • कामयाबी भुनाने के लिए होड़-सी मची हुई है. शहर-दर-शहर शोहरत के लुटेरे नज़र आ रहे हैं. दौलत का खजाना खुल गया है. कुछ अजीब सी विडंबना है. एक तरह का दोगलापन. इसी में छिपी है खेल में फ़िसड्डी होने की हमारी कहानी.
  • वक्त अगर किसी चीज को लौटाना चाहे तो बिलाशक भारतीय खेल जगत दद्दा यानि मेजर ध्यानचंद को मांगना चाहेगा. उनसा न कोई हुआ और हो सकता है भविष्य में हो भी नहीं. खेल से खिलाड़ी की पहचान बनती है लेकिन ध्यानचंद तो हॉकी का आइना बन गए.
  • सुपरपॉवर उसे माना जाता है, जो देश सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी तौर पर मजबूत हो... प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण हो... ताकतवर और आधुनिक सैन्यशक्ति हो... जिस देश की बात दुनिया सुने और जिसके एथलीट खेल के मैदान में भी झंडे गाड़ें... जो भी देश सुपरपॉवर कहे जाते हैं, वे खेलों के भी पॉवरहाउस हैं... रूस और अमेरिका का उदाहरण सामने है... चीन सुपरपॉवर बनने की राह पर है... इसके लिए चीन ने खेल के मैदान से दबदबा बनाना शुरू किया...
  • लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो फ़ोर्ब्स के मुताबिक दुनिया के दो सबसे लोकप्रिय खिलाड़ी। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले एथलीट। दो महान फुटबॉलर लेकिन खेल और शख्सियत बिल्कुल जुदा।
  • क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल माना जाता है। इस खेल में दिग्गज जानकार भी भविष्यवाणी करने से कतराते हैं। लेकिन एक शख्स ऐसा है जो "अनिश्चित" को "सुनिश्चित" कर रहा है, "अनहोनी" को "होनी" में बदल रहा है। 27 साल का विराट कोहली आज क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद चेहरा बन कर उभरा है।
  • कुछ बाकी रह गए अरमानों के साथ भारत आए थे शाहिद "लाला" आफ़रीदी। दिल जरूर जीत लिया लेकिन तोहफे में हिंदुस्तान से उन्हें हार ही मिलनी थी। उनकी टीम को आईसीसी वर्ल्ड T20 के सुपर-10 स्टेज में ही बोरिया बिस्तर बांधना पड़ा।
  • तो लाला (शाहिद अफरीदी का निकनेम) इस बार भी वर्ल्ड कप में तुम्हारे मुल्क से नहीं हारने का रिकॉर्ड कायम रहा। वॉट्सअप पर चुटकुलों की बाढ़ आ गई। किसी पाकिस्तानी दोस्त ने कहा कि भारत में शाहिद अफरीदी को इसलिए ज्यादा प्यार मिलता है, क्योंकि हर बार वह भारत से हार जाते हैं।
  • "लाला" प्यार से पाकिस्तान के कप्तान शाहिद अफ़रीदी को कहते हैं। लंबी जद्दोजहद के बाद पाकिस्तानी टीम वर्ल्ड T20 में हिस्सा लेने के लिए भारत आई। कोलकाता में अफ़रीदी ने कह दिया-भारत में पाकिस्तान से भी ज़्यादा प्यार मिलता है। फिर क्या था पाकिस्तान में हंगामा मच गया।
  • धोनी ने बतौर कप्तान अगले 10 साल तक कामयाबियों की जो कहानी लिखी उसके बाद किस्मत उनके पीछे चलती नजर आई। माही का मिडास टच सफलता की गारंटी बन गया।
  • दबाव में बड़े से बड़े खिलाड़ी बिखर जाते हैं लेकिन महान खिलाड़ी नहीं। विराट कोहली उसी महानता के पथ पर हैं। विराट कोहली को मैदान पर आपा तो खोते हुए आपने अक्सर देखा होगा लेकिन क्या आपने यह देखा है कि उनके गुस्से का सकारात्मक असर उनकी बल्लेबाजी पर पड़ता है?
  • आज फिर वही कहानी। लाल बत्ती पर रुकने वाली मेरी कार इकलौती थी। मेरे दाएं और बाएं से गाड़ियां फर्राटे के साथ मुझे और लाल बत्ती को मुंह चिढ़ा कर भागी जा रही थीं। रिवर्स व्यू मिरर पर नज़र बराबर टिकाए हुए था। कहीं पीछे से आकर कोई तेज़ गाड़ी मुझे उड़ा न दे। रेड लाइट पर ठहरने पर सबसे बड़ा डर तो यही होता है।
  • देखा था तुम्हारा चेहरा जब दिल्ली पुलिस तुम्हें गिरफ़्तार कर ले जा रही थी। एक अजीब सा भाव था तुम्हारे चेहरे पर। डर! शिकन! पछतावा! न! न!! ये सब कुछ नहीं था। शायद छलावा या छले जाने का भाव प्रतिबिंबित हो रहा था तुम्हारी शक्ल पर।
  • एक बेटी अपने पापा का खत पढ़ रही थी। समारोह में मौज़ूद हस्तियों की आंखें नम हुए जा रही थी। पूरे 5 मिनट तक वो रोती और पढ़ती रही। बीच-बीच में तालियां बजती रहीं। एक पल के लिए भी हाथ रिमोट पर नहीं गया। शायद आप भी चैनल बदल नहीं पाए होंगे। एक खिलाड़ी के खत ने सबको रुला दिया।
  • मेरे लिए हैरान होने की बारी थी। मेरे ट्वीट के आधे-पौन घंटे के बीच ही सुरेश झा को लखनऊ स्टेशन पर मेडिकल मदद उपलब्ध करा दी गयी थी। उन्हें ट्रेन से उतार कर अस्पताल में एडमिट करा दिया गया था और उनके परिवार को सूचित भी कर दिया गया था। धन्यवाद का ट्वीट बनता था।
  • गॉल टेस्ट के पहले दिन 6 विकेट लेकर रविचंद्रन अश्विन ने बता दिया कि भारत का नंबर-1 स्पिनर कौन है। टीम इंडिया के 11 खिलाड़ियों की तरह अश्विन भी पहली बार श्रीलंका में टेस्ट खेल रहे हैं। बाद में दिन का खेल खत्म होने के बाद अश्विन पैवेलियन में साथी खिलाड़ियों को एक्शन के साथ बता रहे थे कि उन्होंने कैसे 6 विकेट लिए।
  • गुरुवार की सुबह दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में काफ़ी चहल पहल थी। इलेक्ट्रानिक मीडिया के एक दर्जन से भी ओवी वैन देखकर होटल के मेहमानों को अहसास हो गया था कि कुछ खास होने वाला है। तभी काली टी-शर्ट में दो शख्स कॉन्फ़्रेंस रूम की ओर बढ़ते नज़र आए।
  • कश्मीर यात्रा का आज चौथा और आख़िरी दिन था। सुबह-सुबह टीवी पर खबर आ रही थी कि अलगाववादियों ने आज भी कश्मीर बंद का आह्वान किया है।
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