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अखिलेश शर्मा

पत्रकारिता में पिछले 24 साल से सक्रिय अखिलेश शर्मा एनडीटीवी इंडिया के राजनीतिक संपादक और प्राइम टाइम एंकर हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, संसदीय लोकतंत्र, राजनीतिक अर्थव्यवस्था तथा दलीय राजनीति से जुड़े विषयों में उनकी गहन दिलचस्पी है। पिछले डेढ़ दशक से बीजेपी से जुड़ी ख़बरें कवर कर रहे हैं।

  • अहमदाबाद और गुरुग्राम की तस्वीरें विचलित करने वाली हैं. संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म 'पद्मावत' के विरोध में सड़कों पर उतरे मुट्ठी भर गुंडों ने आगजनी कर पूरे देश की छवि को शर्मसार किया है. मॉल में हमला, मोटरसाइकलों को जलाना और बसें फूंक देना, आखिर विरोध का यह कौन सा तरीका है? और कैसा विरोध? किस बात का विरोध? बिना फिल्म देखे पद्मावत के बारे में यह धारणा बना दी गई है कि इसमें राजपूतों के शौर्य, साहस और बलिदान को कम कर दिखाया गया है. रानी पद्मावती के ऐतिहासिक किरदार के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया गया. लेकिन अभी तक जितने लोगों ने यह फिल्म देखी है उन सभी ने इन आरोपों से इनकार किया है. 
  • पूरे 21 साल लगे किसी भारतीय प्रधानमंत्री को दावोस में प्रतिष्ठित विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पहुंचने में. 1997 में एच डी देवेगौडा वहां गए और अब नरें मोदी. हालांकि देवेगौड़ा के बाद इंद्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी और आर्थिक सुधारों के जनक माने जाने वाले अर्थशास्त्री डॉक्टर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे.
  • सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, आरक्षण को चुनावी हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करने में बीजेपी या अन्य राजनीतिक दल भी पीछे नहीं हैं. इससे बड़ी विडंबना नहीं हो सकती कि बीजेपी हार्दिक पटेल के दावों की पोल खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जिस ताजा आदेश का हवाला दे रही है वो उसके अपने ही शासन वाले राज्य राजस्थान का है.
  • आईजीएल स्मार्ट कार्ड से नकदी का झंझट काफी हद तक कम हो सकता है. इसकी कई खासियतें हैं. इसमें सीएनजी डलवाने के बाद नकदी से भुगतान से बचा जा सकता है. वहीं पर मौजूद कर्मचारी मशीन में आपका कार्ड लगाएगा और रकम डालेगा.
  • मीडिया के एक हिस्से में लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि कट्टर हिंदुत्व के चेहरे योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस ने बड़ी भूमिका निभाई. यह भी अटकलें लग रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह किसी ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे जिसे प्रशासनिक अनुभव हो और जो जातिगत पहचान से ऊपर हो. हालांकि बीजेपी के सूत्रों ने ऐसी अटकलों से इनकार किया है. उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ शुरुआत से ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की पसंद रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी पसंद पर मुहर लगाने के लिए तैयार किया.
  • किसी भारतीय नेता के बारे में ये अकल्पनीय है कि वो सार्वजनिक रूप से अपनी गंभीर बीमारी का खुलासा करे. अमूमन नेताओं की आदत अपनी हर वो बात छुपाने की होती है. ऐसे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अपनी किडनी खराब होने की जानकारीसार्वजनिक करना, सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा की नई मिसाल कायम करना है.
  • माना जा रहा है कि 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री की रैलियों में यह मुद्दा ज़ोर-शोर से उठाया जाएगा. बीजेपी को भरोसा है कि प्रधानमंत्री के नाम, चेहरे और साख के सहारे यूपी में वह लोगों को अपने पक्ष में करने में कामयाब होगी.
  • मास्टर कम्युनिकेटर के रूप में मशहूर नरेंद्र मोदी ने इस बार संवाद के लिए नोट का सहारा लिया है और संदेश है काले धन और आतंकवाद से लड़ाई का. इसी के साथ उन्होंने अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों की नींव रख दी है.
  • भारत से पाकिस्‍तान सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहा है. अरविंद केजरीवाल भी वही कह रहे हैं. लगता है केजरीवाल को भी न तो भारत सरकार और न ही बहादुर सेना के दावे पर भरोसा है.
  • बलूचिस्तान में तिरंगा लहराया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें लेकर पाकिस्तान के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर में लोगों का हुजूम सड़कों पर निकल कर पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठा रहा है.
  • कुल मिलाकर बीजेपी यूपी का महासंग्राम जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। नर्म हिन्दुत्व और विकास, दोनों मुद्दों को लेकर आगे बढ़ा जाएगा, लेकिन ज्यादा जोर संगठन की मजूबती पर है। आरएसएस ने भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करने और स्वयंसेवकों की फौज को झोंकने का फैसला किया है।
  • दिल्ली-बिहार की हार और हाल ही में उत्तराखंड के दुस्साहस से मिली चोट से बुझे चेहरों पर आज ज़बर्दस्त चमक दिखी। मोदी सरकार के दो साल का जश्न भी इसमें शामिल हो गया।
  • आखिरकार बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए अपने प्रदेश अध्यक्ष का नाम घोषित कर ही दिया। वैसे तो ये काम जनवरी में ही हो जाना चाहिए था मगर इसके लिए हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2073 के पहले दिन तक इंतज़ार किया गया।
  • राजस्थान के नागौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिनों की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में मीडिया की दिलचस्पी इस बात पर ही ज्यादा रही कि यूनिफॉर्म को लेकर बहुप्रतिक्षित बदलाव होता है या नहीं। संघ ने भी मीडिया को निराश नहीं किया।
  • सरकार के सामने अब बड़ी चुनौती इस योजना को ज़मीन पर लागू कर किसानों को सीधा और तुरंत फायदा पहुंचाने की है। उसे उम्मीद है कि योजना से उसे अपनी छवि बदलने में मदद मिलेगी, मगर ऐसा तभी हो पाएगा, जब सबसे ज्यादा प्रभावित किसानों तक यह योजना और इसका लाभ पहुंच पाए।
  • दरअसल, कई नेताओं ने मान लिया है कि देश टीवी स्टूडियो की डिबेट से ही चलता है और जनता की याददाश्त बेहद कमजोर है, इसीलिए वे यह मानकर चलते हैं कि राजनीतिक विरोधियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर सुर्खियां बटोरने की रणनीति बेहतर है।
  • पहले दो चरण के मतदान के बाद नीतीश कुमार के शपथग्रहण की तैयारियाँ शुरू कर दीं गई हैं। विश्लेषक भी इस आकलन से सहमत नजर आ रहे हैं। लेकिन क्या ज़मीनी हकीकत वाकई ऐसी है?
  • ये अपने बूते बहुमत पाई सरकार कि पहली बड़ी राजनीतिक लड़ाई थी। मगर उसे अपने पैर पीछे खींचने पड़े हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तो पटना की स्वाभिमान रैली में कह भी दिया कि संसद में विपक्ष की लड़ाई रंग लाई है और इसीलिए सरकार को भूमि अध्यादेश पर झुकना पड़ा है।
  • राजनीति में कोई भी स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता है, अगर होता तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज बांहें फैलाकर उड़ीसा (अब ओडिशा) के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग का स्वागत नहीं कर रहे होते।
  • शारदा चिट फंड घोटाले की रकम के आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल के आरोप पर सरकार और बीजेपी के अलग-अलग सुर सामने आए हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक़ अभी तक की सीबीआई जांच में यह नहीं पाया गया है कि शारदा चिट फ़ंड घोटाले की रक़म का इस्तेमाल आतंकवादी कार्रवाई के लिए किया गया।
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